पटना में खान सर के अस्पताल पर फायर सेफ्टी में गंभीर लापरवाही, 15 दिन में सुधार नहीं हुआ तो होगी सीलिंग
Serious fire safety negligence at Khan Sir's hospital in Patna
पटना। Serious fire safety negligence at Khan Sir's hospital in Patna, खान सर के खान हेल्थ केयर अस्पताल में अग्नि सुरक्षा मानकों की गंभीर अनदेखी सामने आने के बाद अग्निशमन विभाग ने अस्पताल प्रबंधन को नोटिस जारी किया है।
विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि 15 दिनों के भीतर सुरक्षा संबंधी कमियां दूर नहीं की गईं तो अस्पताल को सील करने की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
सुरक्षा ऑडिट में सामने आई कई खामियां
अग्निशमन विभाग की ओर से किए गए औचक निरीक्षण और सुरक्षा ऑडिट में अस्पताल परिसर में कई गंभीर कमियां पाई गईं।
जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि अस्पताल में आग या अन्य आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक सुरक्षा प्रबंध पर्याप्त नहीं हैं।
एक ही सीढ़ी मिलने पर विभाग सख्त
अग्निशमन अनुमंडल पदाधिकारी इंद्रजीत कुमार के नेतृत्व में हुई जांच में सबसे बड़ी खामी भवन संरचना में मिली।
नियमों के अनुसार पांच मंजिला व्यावसायिक एवं सार्वजनिक भवनों में कम से कम दो सीढ़ियां होना अनिवार्य है, लेकिन अस्पताल में ऊपर से नीचे आने-जाने के लिए केवल एक ही सीढ़ी की व्यवस्था पाई गई।
स्प्रिंकलर और फायर प्लान की भी कमी
निरीक्षण के दौरान यह भी पाया गया कि आग बुझाने के लिए लगाए जाने वाले स्वचालित स्प्रिंकलर पर्याप्त संख्या में नहीं हैं।
इसके अलावा अस्पताल के किसी भी हिस्से में फायर फ्लोर प्लान प्रदर्शित नहीं किया गया था, जो आपातकालीन स्थिति में लोगों के सुरक्षित निकास के लिए बेहद जरूरी माना जाता है।
अस्पताल प्रबंधन को जारी हुआ नोटिस
अग्निशमन विभाग ने सभी कमियों को दर्ज करते हुए अस्पताल प्रशासन को आधिकारिक नोटिस जारी कर दिया है।
नोटिस में सुरक्षा मानकों के अनुरूप सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
15 दिनों का दिया गया समय
विभाग ने अस्पताल प्रबंधन को सुधार कार्य पूरा करने के लिए 15 दिनों की समयसीमा दी है।
इस अवधि के दौरान दूसरी सीढ़ी की व्यवस्था, पर्याप्त स्प्रिंकलर लगाने और फायर फ्लोर प्लान प्रदर्शित करने का निर्देश दिया गया है।
नियमों का पालन नहीं हुआ तो लगेगा ताला
अग्निशमन अनुमंडल पदाधिकारी इंद्रजीत कुमार ने कहा कि यदि तय समयसीमा के भीतर सभी कमियां दूर नहीं की गईं तो अस्पताल को सील करने की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
विभाग का कहना है कि मरीजों और कर्मचारियों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता।